This page has not been fully proofread.

२८६
 
लोकानुक्रमणिका ।
 
पृष्ठम्
 
पृष्ठम्
 

 
शिवः शक्त्या युक्तो
 
१२५
 
शंकरेण रचितं स्तवोत्तमं १८४
 
शिव तव परिचर्या ०
 
४७
 
शंभुध्यान वसन्तसङ्गिनि
 
३७
 
शिवाकान्त शंभो
 
७२
 
शंभो महेश
 
७३
 
शिवाय गौरीवदना ०
 
११९
 
शतपत्रयुतैः स्वभावशीतै: २३१
 
शिवायेति शब्दो
 
२३
 
शरणं करवाण्यम्ब
 
१७५
 
शिवे नमन्निर्जरकुञ्ज •
 

 
१६८
 
शरण्ये वरेण्ये
 
२६० शिवेशानतत्पूरुषा ०
 
१६
 
शरज्ज्योत्स्नाशुद्धां
 
१२८
 
शिवे शृङ्गाराद्र
 
१३७
 
शरत्पूर्णचन्द्र ०
 
२५८
 
शीतलं मधुरं स्वच्छं
 
११०
 
शरदिन्दुमरीचिगौर ०
 
२२९
 
शृङ्गारकल्पयोग्यैः
 
६०
 
शरीरं त्वं शंभो:
 
१३३
 
शौरिं सत्यगिरं
 
९४
 
शरीरेऽतिकष्टे रिपौ
 
१५२
 
श्रीगन्धं घनसारकुङ्कुमयुतं १०७
 
शरीरे धनेऽपत्यवर्गे
 
१५२
 
श्रीचक्रस्थां शाश्वतै ०
 
१७२
 
शरेष्वेव नासा
 
१५६
 
श्री मन्त्राक्षरमालया
 
२५३
 
शर्करामिलितं स्निग्धं
 
११०
 
श्रीमन्महेश्वर कृपामय
 
११७
 
शर्व देव सर्वोत्तम
 
९०
 
श्रुतीनां मूर्धानो
 
१४६
 
शान्तो दान्तो देशिकेन्द्र
 
१७० श्रुतीनामगम्ये
 
२६०
 
शिम्बीसूरणशाक •
शिरीषप्रसूनोल्लस ०
 

 
२१२
 

 
२५८
 
डाधारपङ्केरुह
 

 
२५७
 
शिरोदृष्टिहृद्रोग •
 

 
१८
 
षड्रिपुषडूर्मि
 
९०
 
शिवः शक्तिः कामः
 
१३३ षोढान्यासादिदेवैश्च
 
१७०