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श्लोकानुक्रमणिका ।
 
२८१
 
पृष्ठम्
 
पृष्ठम्
 
मन्दाकिनी सलिल •
 

 
११९
 
मागच्छ त्वमितस्ततो
 
३६.
 
मन्दा निन्दालोलुपाहं
 
१६६
 
माणिक्यकेयूर किरीट ०
 
१०८
 
मन्दारकुन्द करवीर ० २२४ माणिक्यपादुकाद्वन्द्वे
 
१०८
 
मन्दारमल्लीकरवीर ०
 
१०६
 
मातः काञ्चनदण्ड ०
 
२२८
 
मन्दारहेमाम्बुजगन्धयु०
मम न भजनशक्तिः
 
११२
 
मात: कुङ्कुमपङ्कनिर्मि●
 
२२१
 
१८६
 
मातः पश्य मुखाम्बुजं
 
१९२
 
मयूराधिरूढं
 

 
मातः फालतले
 
२२३
 
मरकतवरपद्मराग ०
 
महति कनकपात्रे
महागणेशपञ्चरत्न
 
महादेव देवेश
 
१९७
 
मातस्त्वां दधिदुग्ध •
 

 
२२५
 
२२८
 
माधुरीसौरभावास ०
 
१८३
 

 
१७
 
२ मार्गावर्तितपादुका
 
मार्ताण्डमण्डलनिभो
 
४१
 
२२९
 
महादेव शंभो
 
२४ मालतीवकुलहेम
 

 
२२४
 
महान्तं विश्वासं तव
 
१६१
 
°
 
१९७
 
महामन्त्रराजान्तबीजं
 
१५५ मुक्ताकुन्देन्दुगौरां
 
२३४
 
महाम्भोधितीरे
 
67
 
मुक्तातपत्रं शशिकोटि ०
 
१०९
 
महिमा तव न हि माति
 
८९
 
मुक्तामाणिक्यजालैः
 
५५
 
महीं मूलाधारे कमपि
 
१२७
 
मुक्तामुक्ते विचित्रा
 

 
६८
 
महेशं सुरेशं
 
७१
 
मुखं बिन्दुं कृत्वा
 
१२९
 
महेशि वसुभिर्दलैर्लसति २०८
 
मुखनयनविलास ०
 
२३१
 
महेश्वरि महामन्त्रकूट ०
 
१७५
 
मुखे ते ताम्बूलं
 
१५९
 
मह्यं द्रुह्यन्ति ये
 
१७५ मुञ्च वञ्चकतां चित्त
 
१७७
 
S. S. 19