Reports » गुह्यकाल्युपनिषत्
Updated 2026-02-26 07:53
XML
XML conforms to the TEI schema ✓ Passed (88/88)
<text> @xml:id matches text's slug ✓ Passed (1/1)
All <div> elements set 'n' with unique values ✓ Passed (1/1)
Singleton <head> and <trailer> slugs end with .head / .trailer ✗ Failed (0/1)
<trailer> slug '' must end with '.trailer'
<trailer/>
All blocks have unique identifiers ✓ Passed (87/87)
Verse-only texts: <lg> slugs do not contain 'lg' — N/A (0/0)
Text
Devanagari text is well-formed ⚠ Partial (306/308)
Unexpected character ':' in text <तथा विद्वान् नामरूपाद्विमुक्त:>
<l>तथा विद्वान् नामरूपाद्विमुक्त:</l>
Unexpected character ':' in text <न तस्या: प्रतिमाभिश्च तस्या नाम महद्यशः ॥ ६२ ॥>
<l>न तस्या: प्रतिमाभिश्च तस्या नाम महद्यशः ॥ ६२ ॥</l>
No leading or trailing spaces in text elements ✓ Passed (223/223)
Verse numbers match `n` attribute ⚠ Partial (83/84)
Verse number mismatch. (expected '41', saw '49')
<lg n="41"> <l>इन्द्रियेभ्यः परा ह्यर्था ह्यर्थेभ्यश्च परं मनः ।</l> <l>मनसस्तु परा बुद्धिर्बुद्धेरात्मा महान् परः ॥ ४९ ॥</l> </lg>
Meter
All verses have a known meter ⚠ Partial (57/84)
Verse 1
<lg n="1"> <l>अथर्ववेदमध्ये तु शाखा मुख्यतमा हि षट् ।</l> <l>स्वयंभुवा याः कथिताः पुत्रायाथर्वण पुरा ॥ १ ॥</l> </lg>
|
अ
L
|
थ
G
|
र्व
L
|
वे
G
|
द
L
|
म
G
|
ध्ये
G
|
तु
L
|
शा
G
|
खा
G
|
मु
G
|
ख्य
L
|
त
L
|
मा
G
|
हि
L
|
षट्
L
|
|
स्व
L
|
यं
G
|
भु
L
|
वा
G
|
याः
G
|
क
L
|
थि
L
|
ताः
G
|
पु
G
|
त्रा
G
|
या
G
|
थ
G
|
र्व
L
|
ण
L
|
पु
L
|
रा
G
|
Verse 37
<lg n="37"> <l>न चक्षुषा गृह्यते नापि वाचा</l> <l>नान्यैर्योगैर्न हि सा कर्मणा वा ।</l> <l>ज्ञानप्रसादेन विशुद्धसत्त्वः</l> <l>ततस्तु तां पश्यति निष्कलां च ॥ ३७ ॥</l> </lg>
|
न
L
|
च
G
|
क्षु
L
|
षा
G
|
गृ
G
|
ह्य
L
|
ते
G
|
ना
G
|
पि
L
|
वा
G
|
चा
G
|
|
ना
G
|
न्यै
G
|
र्यो
G
|
गै
G
|
र्न
L
|
हि
L
|
सा
G
|
क
G
|
र्म
L
|
णा
G
|
वा
G
|
|
ज्ञा
G
|
न
G
|
प्र
L
|
सा
G
|
दे
G
|
न
L
|
वि
L
|
शु
G
|
द्ध
L
|
स
G
|
त्त्वः
G
|
|
त
L
|
त
G
|
स्तु
L
|
तां
G
|
प
G
|
श्य
L
|
ति
L
|
नि
G
|
ष्क
L
|
लां
G
|
च
L
|
Verse 38
<lg n="38"> <l>यथा नद्यः स्यन्दमानाः समुद्रे</l> <l>गच्छन्त्यस्तं नामरूपे विहाय ।</l> <l>तथा विद्वान् नामरूपाद्विमुक्त:</l> <l>परात् परां जगदम्बामुपैति ॥ ३८ ॥</l> </lg>
|
य
L
|
था
G
|
न
G
|
द्यः
G
|
स्य
G
|
न्द
L
|
मा
G
|
नाः
G
|
स
L
|
मु
G
|
द्रे
G
|
|
ग
G
|
च्छ
G
|
न्त्य
G
|
स्तं
G
|
ना
G
|
म
L
|
रू
G
|
पे
G
|
वि
L
|
हा
G
|
य
L
|
|
त
L
|
था
G
|
वि
G
|
द्वा
G
|
न्ना
G
|
म
L
|
रू
G
|
पा
G
|
द्वि
L
|
मु
G
|
क्त
L
|
|
प
L
|
रा
G
|
त्प
L
|
रां
G
|
ज
L
|
ग
L
|
द
G
|
म्बा
G
|
मु
L
|
पै
G
|
ति
L
|
Verse 39
<lg n="39"> <l>सर्वे वेदा यत्पदमामनन्ति तपांसि सर्वाणि च यद्वदन्ति ।</l> <l>यदिच्छन्तो ब्रह्मचर्यं चरन्ति तत्ते पदं संग्रहेण ब्रवीमि ॥ ३९ ॥</l> </lg>
|
स
G
|
र्वे
G
|
वे
G
|
दा
G
|
य
G
|
त्प
L
|
द
L
|
मा
G
|
म
L
|
न
G
|
न्ति
L
|
त
L
|
पां
G
|
सि
L
|
स
G
|
र्वा
G
|
णि
L
|
च
L
|
य
G
|
द्व
L
|
द
G
|
न्ति
L
|
|
य
L
|
दि
G
|
च्छ
G
|
न्तो
G
|
ब्र
G
|
ह्म
L
|
च
G
|
र्यं
G
|
च
L
|
र
G
|
न्ति
L
|
त
G
|
त्ते
G
|
प
L
|
दं
G
|
सं
G
|
ग्र
L
|
हे
G
|
ण
G
|
ब्र
L
|
वी
G
|
मि
L
|
Verse 44
<lg n="44"> <l>एका गुह्या सर्वभूतान्तरात्मा</l> <l>एकं रूपं बहुधा या करोति ।</l> <l>तामात्मस्थां येऽनुपश्यन्ति धीराः</l> <l>तेषां सुखं शाश्वतं नेतरेषाम् ॥ ४४ ॥</l> </lg>
|
ए
G
|
का
G
|
गु
G
|
ह्या
G
|
स
G
|
र्व
L
|
भू
G
|
ता
G
|
न्त
L
|
रा
G
|
त्मा
G
|
|
ए
G
|
कं
G
|
रू
G
|
पं
G
|
ब
L
|
हु
L
|
धा
G
|
या
G
|
क
L
|
रो
G
|
ति
L
|
|
ता
G
|
मा
G
|
त्म
G
|
स्थां
G
|
ये
G
|
नु
L
|
प
G
|
श्य
G
|
न्ति
L
|
धी
G
|
राः
G
|
|
ते
G
|
षां
G
|
सु
L
|
खं
G
|
शा
G
|
श्व
L
|
तं
G
|
ने
G
|
त
L
|
रे
G
|
षाम्
G
|
Verse 45
<lg n="45"> <l>न तत्र सूर्यो भाति न चन्द्रतारकं</l> <l>नेमा विद्युतो भान्ति कुतोऽयमग्निः ।</l> <l>तामेव भान्तीमनुभाति सर्वं</l> <l>तस्या भासा सर्वमिदं विभाति ॥ ४५ ॥</l> </lg>
|
न
L
|
त
G
|
त्र
L
|
सू
G
|
र्यो
G
|
भा
G
|
ति
L
|
न
L
|
च
G
|
न्द्र
L
|
ता
G
|
र
L
|
कं
G
|
|
ने
G
|
मा
G
|
वि
G
|
द्यु
L
|
तो
G
|
भा
G
|
न्ति
L
|
कु
L
|
तो
G
|
य
L
|
म
G
|
ग्निः
G
|
|
|
ता
G
|
मे
G
|
व
L
|
भा
G
|
न्ती
G
|
म
L
|
नु
L
|
भा
G
|
ति
L
|
स
G
|
र्वं
G
|
||
|
त
G
|
स्या
G
|
भा
G
|
सा
G
|
स
G
|
र्व
L
|
मि
L
|
दं
G
|
वि
L
|
भा
G
|
ति
L
|
Verse 46
<lg n="46"> <l>यस्याः परं नापरमस्ति किञ्चित्</l> <l>यस्या नाणीयो न ज्यायोऽस्ति किञ्चित् ।</l> <l>वृक्ष इव स्तब्धा दिवि तिष्ठत्येका</l> <l>यदन्तः पूर्णामवगत्य पूर्णः ॥ ४६ ॥</l> </lg>
|
य
G
|
स्याः
G
|
प
L
|
रं
G
|
ना
G
|
प
L
|
र
L
|
म
G
|
स्ति
L
|
कि
G
|
ञ्चित्
G
|
|
|
य
G
|
स्या
G
|
ना
G
|
णी
G
|
यो
G
|
न
G
|
ज्या
G
|
यो
G
|
स्ति
L
|
कि
G
|
ञ्चित्
L
|
|
|
वृ
G
|
क्ष
L
|
इ
L
|
व
G
|
स्त
G
|
ब्धा
G
|
दि
L
|
वि
L
|
ति
G
|
ष्ठ
G
|
त्ये
G
|
का
G
|
|
य
L
|
द
G
|
न्तः
G
|
पू
G
|
र्णा
G
|
म
L
|
व
L
|
ग
G
|
त्य
L
|
पू
G
|
र्णः
G
|
Verse 51
<lg n="51"> <l>अपाणिपादा जननी ग्रहीत्री</l> <l>पश्यत्यचक्षुः सा शृणोत्यकर्णा ।</l> <l>मा वेत्ति वेद्यं न च तस्यास्तु वेत्ता</l> <l>नामाहुरग्र्यां महतीं महीयसी ॥ ५१ ॥</l> </lg>
|
अ
L
|
पा
G
|
णि
L
|
पा
G
|
दा
G
|
ज
L
|
न
L
|
नी
G
|
ग्र
L
|
ही
G
|
त्री
G
|
|
|
प
G
|
श्य
G
|
त्य
L
|
च
G
|
क्षुः
G
|
सा
G
|
शृ
L
|
णो
G
|
त्य
L
|
क
G
|
र्णा
G
|
|
|
मा
G
|
वे
G
|
त्ति
L
|
वे
G
|
द्यं
G
|
न
L
|
च
L
|
त
G
|
स्या
G
|
स्तु
L
|
वे
G
|
त्ता
G
|
|
ना
G
|
मा
G
|
हु
L
|
र
G
|
ग्र्यां
G
|
म
L
|
ह
L
|
तीं
G
|
म
L
|
ही
G
|
य
L
|
सी
G
|
Verse 53
<lg n="53"> <l>ऋचो अक्षरे परमे व्योमन्</l> <l>यस्यां देवा अधिरुद्रा निषेदुः ।</l> <l>यस्तां न वेद किमृचा करिष्यति</l> <l>ये तां विदुस्त इमे समासते ॥ ५३ ॥</l> </lg>
|
ऋ
L
|
चो
G
|
अ
G
|
क्ष
L
|
रे
G
|
प
L
|
र
L
|
मे
G
|
व्यो
G
|
मन्
G
|
||
|
य
G
|
स्यां
G
|
दे
G
|
वा
G
|
अ
L
|
धि
L
|
रु
G
|
द्रा
G
|
नि
L
|
षे
G
|
दुः
G
|
|
|
य
G
|
स्तां
G
|
न
L
|
वे
G
|
द
L
|
कि
L
|
मृ
L
|
चा
G
|
क
L
|
रि
G
|
ष्य
L
|
ति
L
|
|
ये
G
|
तां
G
|
वि
L
|
दु
G
|
स्त
L
|
इ
L
|
मे
G
|
स
L
|
मा
G
|
स
L
|
ते
G
|
Verse 54
<lg n="54"> <l>छन्दांसि यज्ञाः क्रतवो व्रतानि</l> <l>भृतं भव्यं यच्च वेदा वदन्ति ।</l> <l>सर्वं देवी सृजते विश्वमेतत्</l> <l>तस्याश्चान्यो मायया संनिरुद्धः ॥ ५४ ॥</l> </lg>
|
छ
G
|
न्दां
G
|
सि
L
|
य
G
|
ज्ञाः
G
|
क्र
L
|
त
L
|
वो
G
|
व्र
L
|
ता
G
|
नि
L
|
|
भृ
L
|
तं
G
|
भ
G
|
व्यं
G
|
य
G
|
च्च
L
|
वे
G
|
दा
G
|
व
L
|
द
G
|
न्ति
L
|
|
स
G
|
र्वं
G
|
दे
G
|
वी
G
|
सृ
L
|
ज
L
|
ते
G
|
वि
G
|
श्व
L
|
मे
G
|
तत्
G
|
|
त
G
|
स्या
G
|
श्चा
G
|
न्यो
G
|
मा
G
|
य
L
|
या
G
|
सं
G
|
नि
L
|
रु
G
|
द्धः
G
|
Verse 56
<lg n="56"> <l>या देवानां प्रभवा चोद्भवा च</l> <l>विश्वाधिपा सर्वभूतेषु गूढा ।</l> <l>हिरण्यगर्भं जनयामास पूर्वं</l> <l>सा नो बुद्ध्या शुभया संयुनक्तु ॥ ५६ ॥</l> </lg>
|
या
G
|
दे
G
|
वा
G
|
नां
G
|
प्र
L
|
भ
L
|
वा
G
|
चो
G
|
द्भ
L
|
वा
G
|
च
L
|
|
|
वि
G
|
श्वा
G
|
धि
L
|
पा
G
|
स
G
|
र्व
L
|
भू
G
|
ते
G
|
षु
L
|
गू
G
|
ढा
G
|
|
|
हि
L
|
र
G
|
ण्य
L
|
ग
G
|
र्भं
G
|
ज
L
|
न
L
|
या
G
|
मा
G
|
स
L
|
पू
G
|
र्वं
G
|
|
सा
G
|
नो
G
|
बु
G
|
द्ध्या
G
|
शु
L
|
भ
L
|
या
G
|
सं
G
|
यु
L
|
न
G
|
क्तु
L
|
Verse 57
<lg n="57"> <l>सूक्ष्मातिसूक्ष्मं सलिलस्य मध्ये</l> <l>विश्वस्य स्रष्ट्रीमनेकाननाख्याम् ।</l> <l>विश्वस्य चैकां परिवेष्टयित्रीं</l> <l>ज्ञात्वा गुह्यां शान्तिमत्यन्तमेति ॥ ५७ ॥</l> </lg>
|
सू
G
|
क्ष्मा
G
|
ति
L
|
सू
G
|
क्ष्मं
G
|
स
L
|
लि
L
|
ल
G
|
स्य
L
|
म
G
|
ध्ये
G
|
|
वि
G
|
श्व
G
|
स्य
G
|
स्र
G
|
ष्ट्री
G
|
म
L
|
ने
G
|
का
G
|
न
L
|
ना
G
|
ख्याम्
G
|
|
वि
G
|
श्व
G
|
स्य
L
|
चै
G
|
कां
G
|
प
L
|
रि
L
|
वे
G
|
ष्ट
L
|
यि
G
|
त्रीं
G
|
|
ज्ञा
G
|
त्वा
G
|
गु
G
|
ह्यां
G
|
शा
G
|
न्ति
L
|
म
G
|
त्य
G
|
न्त
L
|
मे
G
|
ति
L
|
Verse 58
<lg n="58"> <l>सा ह्येव काले भुवनस्य गोप्त्री</l> <l>विश्वाधिपा सर्वभूतेषु गूढा ।</l> <l>यस्यां मुक्ता ब्रह्मर्षयोऽपि देवाः</l> <l>ज्ञात्वा तां मृत्युपाशाञ्छिनत्ति ॥ ५८ ॥</l> </lg>
|
सा
G
|
ह्ये
G
|
व
L
|
का
G
|
ले
G
|
भु
L
|
व
L
|
न
G
|
स्य
L
|
गो
G
|
प्त्री
G
|
|
वि
G
|
श्वा
G
|
धि
L
|
पा
G
|
स
G
|
र्व
L
|
भू
G
|
ते
G
|
षु
L
|
गू
G
|
ढा
G
|
|
य
G
|
स्यां
G
|
मु
G
|
क्ता
G
|
ब्र
G
|
ह्म
G
|
र्ष
L
|
यो
G
|
पि
L
|
दे
G
|
वाः
G
|
|
ज्ञा
G
|
त्वा
G
|
तां
G
|
मृ
G
|
त्यु
L
|
पा
G
|
शा
G
|
ञ्छि
L
|
न
G
|
त्ति
L
|
Verse 59
<lg n="59"> <l>घृतात् परं मण्डमिवातिसूक्ष्मं</l> <l>ज्ञात्वा कालीं सर्वभूतेषु गूढाम् ।</l> <l>कल्पान्ते वै सर्वसंहारकर्त्रीं</l> <l>ज्ञात्वा गुह्यां मुच्यते सर्वपापैः ॥ ५९ ॥</l> </lg>
|
घृ
L
|
ता
G
|
त्प
L
|
रं
G
|
म
G
|
ण्ड
L
|
मि
L
|
वा
G
|
ति
L
|
सू
G
|
क्ष्मं
G
|
|
ज्ञा
G
|
त्वा
G
|
का
G
|
लीं
G
|
स
G
|
र्व
L
|
भू
G
|
ते
G
|
षु
L
|
गू
G
|
ढाम्
G
|
|
क
G
|
ल्पा
G
|
न्ते
G
|
वै
G
|
स
G
|
र्व
L
|
सं
G
|
हा
G
|
र
L
|
क
G
|
र्त्रीं
G
|
|
ज्ञा
G
|
त्वा
G
|
गु
G
|
ह्यां
G
|
मु
G
|
च्य
L
|
ते
G
|
स
G
|
र्व
L
|
पा
G
|
पैः
G
|
Verse 60
<lg n="60"> <l>एषा देवी विश्वयोनिर्महात्मा</l> <l>सदा जनानां हृदि सन्निविष्टा ।</l> <l>हृदा मनीषा मनसाभिकॢप्ता</l> <l>ये तां विदुरमृतास्ते भवन्ति ॥ ६० ॥</l> </lg>
|
ए
G
|
षा
G
|
दे
G
|
वी
G
|
वि
G
|
श्व
L
|
यो
G
|
नि
G
|
र्म
L
|
हा
G
|
त्मा
G
|
|
स
L
|
दा
G
|
ज
L
|
ना
G
|
नां
G
|
हृ
L
|
दि
L
|
स
G
|
न्नि
L
|
वि
G
|
ष्टा
G
|
|
हृ
L
|
दा
G
|
म
L
|
नी
G
|
षा
G
|
म
L
|
न
L
|
सा
G
|
भि
L
|
कॢ
G
|
प्ता
G
|
|
ये
G
|
तां
G
|
वि
L
|
दु
L
|
र
L
|
मृ
L
|
ता
G
|
स्ते
G
|
भ
L
|
व
G
|
न्ति
L
|
Verse 61
<lg n="61"> <l>यदा तमस्तत्र दिवा न रात्रिः</l> <l>न सन्न चासद्भगवत्येव गुह्या ।</l> <l>तदक्षरं तत्सवितुर्वरेण्यं</l> <l>प्रज्ञा च तस्याः प्रसृता परा सा ॥ ६१ ॥</l> </lg>
|
य
L
|
दा
G
|
त
L
|
म
G
|
स्त
G
|
त्र
L
|
दि
L
|
वा
G
|
न
L
|
रा
G
|
त्रिः
G
|
|
|
न
L
|
स
G
|
न्न
L
|
चा
G
|
स
G
|
द्भ
L
|
ग
L
|
व
G
|
त्ये
G
|
व
L
|
गु
G
|
ह्या
G
|
|
त
L
|
द
G
|
क्ष
L
|
रं
G
|
त
G
|
त्स
L
|
वि
L
|
तु
G
|
र्व
L
|
रे
G
|
ण्यं
G
|
|
|
प्र
G
|
ज्ञा
G
|
च
L
|
त
G
|
स्याः
G
|
प्र
L
|
सृ
L
|
ता
G
|
प
L
|
रा
G
|
सा
G
|
Verse 63
<lg n="63"> <l>न संदृशे तिष्ठति रूपमस्याः</l> <l>न चक्षुषा पश्यति कश्चिदेनाम् ।</l> <l>हृदा मनीषा मनसाभिकॢप्तां</l> <l>य एनां विदुरमृतास्ते भवन्ति ॥ ६३ ॥</l> </lg>
|
न
L
|
सं
G
|
दृ
L
|
शे
G
|
ति
G
|
ष्ठ
L
|
ति
L
|
रू
G
|
प
L
|
म
G
|
स्याः
G
|
|
|
न
L
|
च
G
|
क्षु
L
|
षा
G
|
प
G
|
श्य
L
|
ति
L
|
क
G
|
श्चि
L
|
दे
G
|
नाम्
G
|
|
|
हृ
L
|
दा
G
|
म
L
|
नी
G
|
षा
G
|
म
L
|
न
L
|
सा
G
|
भि
L
|
कॢ
G
|
प्तां
G
|
|
|
य
L
|
ए
G
|
नां
G
|
वि
L
|
दु
L
|
र
L
|
मृ
L
|
ता
G
|
स्ते
G
|
भ
L
|
व
G
|
न्ति
L
|
Verse 64
<lg n="64"> <l>भूयश्च सृष्ट्वा त्रिदशानथेशी</l> <l>सर्वाधिपत्यं कुरुते भवानी ।</l> <l>सर्वा दिशश्चोर्ध्वमधश्च तिर्यक्</l> <l>प्रकाशयन्ती भ्राजते गुह्यकाली ॥ ६४ ॥</l> </lg>
|
भू
G
|
य
G
|
श्च
L
|
सृ
G
|
ष्ट्वा
G
|
त्रि
L
|
द
L
|
शा
G
|
न
L
|
थे
G
|
शी
G
|
|
|
स
G
|
र्वा
G
|
धि
L
|
प
G
|
त्यं
G
|
कु
L
|
रु
L
|
ते
G
|
भ
L
|
वा
G
|
नी
G
|
|
|
स
G
|
र्वा
G
|
दि
L
|
श
G
|
श्चो
G
|
र्ध्व
L
|
म
L
|
ध
G
|
श्च
L
|
ति
G
|
र्यक्
G
|
|
|
प्र
L
|
का
G
|
श
L
|
य
G
|
न्ती
G
|
भ्रा
G
|
ज
L
|
ते
G
|
गु
G
|
ह्य
L
|
का
G
|
ली
G
|
Verse 66
<lg n="66"> <l>धर्मावहां पापनुदां भगेशीं</l> <l>ज्ञात्वात्मस्थाममृतां विश्वमातरम् ।</l> <l>तामीश्वराणां परमां महेश्वरीं</l> <l>तां देवतानां परदेवतां च ।</l> <l>पतिं पतीनां परमां पुरस्तात्</l> <l>विद्यावतां गुह्यकालीं मनीषाम् ॥ ६६ ॥</l> </lg>
|
ध
G
|
र्मा
G
|
व
L
|
हां
G
|
पा
G
|
प
L
|
नु
L
|
दां
G
|
भ
L
|
गे
G
|
शीं
G
|
|
|
ज्ञा
G
|
त्वा
G
|
त्म
G
|
स्था
G
|
म
L
|
मृ
L
|
तां
G
|
वि
G
|
श्व
L
|
मा
G
|
त
L
|
रम्
L
|
|
ता
G
|
मी
G
|
श्व
L
|
रा
G
|
णां
G
|
प
L
|
र
L
|
मां
G
|
म
L
|
हे
G
|
श्व
L
|
रीं
G
|
|
तां
G
|
दे
G
|
व
L
|
ता
G
|
नां
G
|
प
L
|
र
L
|
दे
G
|
व
L
|
तां
G
|
च
L
|
|
|
प
L
|
तिं
G
|
प
L
|
ती
G
|
नां
G
|
प
L
|
र
L
|
मां
G
|
पु
L
|
र
G
|
स्तात्
G
|
|
|
वि
G
|
द्या
G
|
व
L
|
तां
G
|
गु
G
|
ह्य
L
|
का
G
|
लीं
G
|
म
L
|
नी
G
|
षाम्
G
|
Verse 67
<lg n="67"> <l>तस्या न कार्यं करणं च विद्यते</l> <l>न तत्समा चाप्यधिका च दृश्यते ।</l> <l>परास्याः शक्तिर्विविधैव श्रूयते</l> <l>स्वाभाविकी ज्ञानबलक्रिया च ॥ ६७ ॥</l> </lg>
|
त
G
|
स्या
G
|
न
L
|
का
G
|
र्यं
G
|
क
L
|
र
L
|
णं
G
|
च
L
|
वि
G
|
द्य
L
|
ते
G
|
|
न
L
|
त
G
|
त्स
L
|
मा
G
|
चा
G
|
प्य
L
|
धि
L
|
का
G
|
च
L
|
दृ
G
|
श्य
L
|
ते
G
|
|
प
L
|
रा
G
|
स्याः
G
|
श
G
|
क्ति
G
|
र्वि
L
|
वि
L
|
धै
G
|
व
G
|
श्रू
G
|
य
L
|
ते
G
|
|
स्वा
G
|
भा
G
|
वि
L
|
की
G
|
ज्ञा
G
|
न
L
|
ब
L
|
ल
G
|
क्रि
L
|
या
G
|
च
L
|
Verse 68
<lg n="68"> <l>कश्चिन्न तस्याः पतिरस्ति लोके</l> <l>न चेशिता नैव तस्याश्च लिङ्गम् ।</l> <l>सा कारणं कारणकारणाधिपा</l> <l>नास्याश्च कचिज्जनिता न चाधिपः ॥ ६८ ॥</l> </lg>
|
क
G
|
श्चि
G
|
न्न
L
|
त
G
|
स्याः
G
|
प
L
|
ति
L
|
र
G
|
स्ति
L
|
लो
G
|
के
G
|
|
|
न
L
|
चे
G
|
शि
L
|
ता
G
|
नै
G
|
व
L
|
त
G
|
स्या
G
|
श्च
L
|
लि
G
|
ङ्गम्
L
|
|
|
सा
G
|
का
G
|
र
L
|
णं
G
|
का
G
|
र
L
|
ण
L
|
का
G
|
र
L
|
णा
G
|
धि
L
|
पा
G
|
|
ना
G
|
स्या
G
|
श्च
L
|
क
L
|
चि
G
|
ज्ज
L
|
नि
L
|
ता
G
|
न
L
|
चा
G
|
धि
L
|
पः
G
|
Verse 69
<lg n="69"> <l>एका देवी सर्वभूतेषु गूढा</l> <l>व्याप्नोत्येतत् सर्वभृतान्तरस्था ।</l> <l>कर्माध्यक्षा सर्वभूताधिवासा</l> <l>साक्षिण्येषा केवला निर्गुणा च ॥ ६९ ॥</l> </lg>
|
ए
G
|
का
G
|
दे
G
|
वी
G
|
स
G
|
र्व
L
|
भू
G
|
ते
G
|
षु
L
|
गू
G
|
ढा
G
|
|
व्या
G
|
प्नो
G
|
त्ये
G
|
त
G
|
त्स
G
|
र्व
L
|
भृ
L
|
ता
G
|
न्त
L
|
र
G
|
स्था
G
|
|
क
G
|
र्मा
G
|
ध्य
G
|
क्षा
G
|
स
G
|
र्व
L
|
भू
G
|
ता
G
|
धि
L
|
वा
G
|
सा
G
|
|
सा
G
|
क्षि
G
|
ण्ये
G
|
षा
G
|
के
G
|
व
L
|
ला
G
|
नि
G
|
र्गु
L
|
णा
G
|
च
L
|
Verse 70
<lg n="70"> <l>वशिन्येका निष्क्रियाणां बहूनां</l> <l>एकं बीजं बहुधा या करोति ।</l> <l>नानारूपा दशवक्त्रं विधत्ते</l> <l>नानारूपान् या च बाहुन् बिभर्ति ॥ ७० ॥</l> </lg>
|
व
L
|
शि
G
|
न्ये
G
|
का
G
|
नि
G
|
ष्क्रि
L
|
या
G
|
णां
G
|
ब
L
|
हू
G
|
नां
G
|
|
ए
G
|
कं
G
|
बी
G
|
जं
G
|
ब
L
|
हु
L
|
धा
G
|
या
G
|
क
L
|
रो
G
|
ति
L
|
|
ना
G
|
ना
G
|
रू
G
|
पा
G
|
द
L
|
श
L
|
व
G
|
क्त्रं
G
|
वि
L
|
ध
G
|
त्ते
G
|
|
ना
G
|
ना
G
|
रू
G
|
पा
G
|
न्या
G
|
च
L
|
बा
G
|
हु
G
|
न्बि
L
|
भ
G
|
र्ति
L
|
Verse 71
<lg n="71"> <l>नित्या नित्यानां चेतना चेतनानां</l> <l>एका बहूनां विदधाति कामान् ।</l> <l>तत्कारणं साङ्ख्ययोगाधिगम्यं</l> <l>ज्ञात्वा देवीं मुच्यते सर्वपाशैः ॥ ७१ ॥</l> </lg>
|
नि
G
|
त्या
G
|
नि
G
|
त्या
G
|
नां
G
|
चे
G
|
त
L
|
ना
G
|
चे
G
|
त
L
|
ना
G
|
नां
G
|
|
ए
G
|
का
G
|
ब
L
|
हू
G
|
नां
G
|
वि
L
|
द
L
|
धा
G
|
ति
L
|
का
G
|
मान्
G
|
|
|
त
G
|
त्का
G
|
र
L
|
णं
G
|
सा
G
|
ङ्ख्य
L
|
यो
G
|
गा
G
|
धि
L
|
ग
G
|
म्यं
G
|
|
|
ज्ञा
G
|
त्वा
G
|
दे
G
|
वीं
G
|
मु
G
|
च्य
L
|
ते
G
|
स
G
|
र्व
L
|
पा
G
|
शैः
G
|
Verse 72
<lg n="72"> <l>या वै विष्णुं पालने संनियुङ्क्ते</l> <l>रुद्रं देवं संहृतौ चापि गुह्या ।</l> <l>तां वै देवीमात्मबुद्धिप्रकाशां</l> <l>मुमुक्षुर्वै शरणमहं प्रपद्ये ॥ ७२ ॥</l> </lg>
|
या
G
|
वै
G
|
वि
G
|
ष्णुं
G
|
पा
G
|
ल
L
|
ने
G
|
सं
G
|
नि
L
|
यु
G
|
ङ्क्ते
G
|
|
|
रु
G
|
द्रं
G
|
दे
G
|
वं
G
|
सं
G
|
हृ
L
|
तौ
G
|
चा
G
|
पि
L
|
गु
G
|
ह्या
G
|
|
|
तां
G
|
वै
G
|
दे
G
|
वी
G
|
मा
G
|
त्म
L
|
बु
G
|
द्धि
G
|
प्र
L
|
का
G
|
शां
G
|
|
|
मु
L
|
मु
G
|
क्षु
G
|
र्वै
G
|
श
L
|
र
L
|
ण
L
|
म
L
|
हं
G
|
प्र
L
|
प
G
|
द्ये
G
|
Verse 74
<lg n="74"> <l>इयं हि गुह्योपनिपत् सुगूढा</l> <l>या ब्रह्मा देवता विश्वयोनिः ।</l> <l>एतां जपंश्चान्वहं भक्तियुक्तः</l> <l>सत्यं सत्यं ह्यमृतः संबभूव ॥ ७४ ॥</l> </lg>
|
इ
L
|
यं
G
|
हि
L
|
गु
G
|
ह्यो
G
|
प
L
|
नि
L
|
प
G
|
त्सु
L
|
गू
G
|
ढा
G
|
|
या
G
|
ब्र
G
|
ह्मा
G
|
दे
G
|
व
L
|
ता
G
|
वि
G
|
श्व
L
|
यो
G
|
निः
G
|
|
|
ए
G
|
तां
G
|
ज
L
|
पं
G
|
श्चा
G
|
न्व
L
|
हं
G
|
भ
G
|
क्ति
L
|
यु
G
|
क्तः
G
|
|
स
G
|
त्यं
G
|
स
G
|
त्यं
G
|
ह्य
L
|
मृ
L
|
तः
G
|
सं
G
|
ब
L
|
भू
G
|
व
L
|
Verse 80
<lg n="80"> <l>तदस्म्यहं तृतीयं च महावाक्यत्रयं भवेत ।</l> <l>आद्यान्येतानि वाक्यानि छन्दांसि परिचक्षते ॥ ८० ॥</l> </lg>
|
त
L
|
द
G
|
स्म्य
L
|
हं
G
|
तृ
L
|
ती
G
|
यं
G
|
च
L
|
म
L
|
हा
G
|
वा
G
|
क्य
G
|
त्र
L
|
यं
G
|
भ
L
|
वे
G
|
त
L
|
|
आ
G
|
द्या
G
|
न्ये
G
|
ता
G
|
नि
L
|
वा
G
|
क्या
G
|
नि
L
|
छ
G
|
न्दां
G
|
सि
L
|
प
L
|
रि
L
|
च
G
|
क्ष
L
|
ते
G
|