2026-01-24 07:13:22 by akprasad
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<ignore lang="sa">श्रीकृष्णाक्षरमालिका
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<verse lang="sa">धरणीतनयाजीवितनायक वालिनिबर्हण राम हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३६ ॥
</verse>
<verse lang="sa">नारायण माधव केशव गोपालक हे गोविन्द हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३७ ॥
</verse>
<verse lang="sa">परमेश्वर वरपक्षिकुलेश्वरवाहन मोहनरूप हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३८ ॥
</verse>
<verse lang="sa">फालविलोचन पङ्कजसम्भव कीर्तितसद्गुणजाल हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३९ ॥
</verse>
<verse lang="sa">बलरिपुपूजित बलजितदानव बलदेवानुज बाल हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४० ॥
</verse>
<verse lang="sa">भवभयनाशन भक्तजनप्रिय भूभरनाशनकारि हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४१ ॥
</verse>
<verse lang="sa">मायामोहितसकलजगज्जनमारिचासुरमथन हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४२ ॥
</verse>
<verse lang="sa">यमुनातटिनीवरतटविहरण यक्षगणेश्वरवन्द्य हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४३ ॥
</verse>
<verse lang="sa">रामरमेश्वर रावणमर्दन रतिललनाधव तात हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४४ ॥
</verse>
<ignore lang="sa">९३
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<ignore lang="sa">श्रीकृष्णाक्षरमालिका
<verse lang="sa">धरणीतनयाजीवितनायक वालिनिबर्हण राम हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३६ ॥
<verse lang="sa">नारायण माधव केशव गोपालक हे गोविन्द हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३७ ॥
<verse lang="sa">परमेश्वर वरपक्षिकुलेश्वरवाहन मोहनरूप हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३८ ॥
<verse lang="sa">फालविलोचन पङ्कजसम्भव कीर्तितसद्गुणजाल हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३९ ॥
<verse lang="sa">बलरिपुपूजित बलजितदानव बलदेवानुज बाल हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४० ॥
<verse lang="sa">भवभयनाशन भक्तजनप्रिय भूभरनाशनकारि हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४१ ॥
<verse lang="sa">मायामोहितसकलजगज्जनमारिचासुरमथन हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४२ ॥
<verse lang="sa">यमुनातटिनीवरतटविहरण यक्षगणेश्वरवन्द्य हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४३ ॥
<verse lang="sa">रामरमेश्वर रावणमर्दन रतिललनाधव तात हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४४ ॥
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