2026-01-24 07:09:53 by akprasad
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<title lang="sa">श्रीकृष्णाक्षरमालिका
</title>
<verse n="1" lang="sa">कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ १॥
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<verse lang="sa">अव्यय माधव अन्तविवर्जित अब्धिसुताप्रिय कान्त हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ २ ॥
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<verse lang="sa">आशरनाशन आदिविवर्जित आत्मज्ञानद नाथ हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३ ॥
</verse>
<verse lang="sa">इन्द्रमुखामरबृन्दसमर्चितपादसरोरुहयुग्म हरे।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४ ॥
</verse>
<verse lang="sa">ईश्वरसन्नुत ईतिभयापह राक्षसनाशनदक्ष हरे।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ५॥
</verse>
<verse lang="sa">उन्नतमानस उच्चपदप्रद उज्ज्वलविग्रह देव हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ६ ॥
</verse>
<verse lang="sa">ऊर्जोनाशितशात्रवसञ्चय जलधरगर्जितकण्ठ हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ७ ॥
</verse>
<verse lang="sa">ऋषिजनसन्नुत दिव्यकथामृत भव्यगुणोज्ज्वल चित्तहरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ८ ॥
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<title lang="sa">श्रीकृष्णाक्षरमालिका
<verse n="1" lang="sa">कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ १॥
<verse lang="sa">अव्यय माधव अन्तविवर्जित अब्धिसुताप्रिय कान्त हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ २ ॥
<verse lang="sa">आशरनाशन आदिविवर्जित आत्मज्ञानद नाथ हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३ ॥
<verse lang="sa">इन्द्रमुखामरबृन्दसमर्चितपादसरोरुहयुग्म हरे।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४ ॥
<verse lang="sa">ईश्वरसन्नुत ईतिभयापह राक्षसनाशनदक्ष हरे।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ५॥
<verse lang="sa">उन्नतमानस उच्चपदप्रद उज्ज्वलविग्रह देव हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ६ ॥
<verse lang="sa">ऊर्जोनाशितशात्रवसञ्चय जलधरगर्जितकण्ठ हरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ७ ॥
<verse lang="sa">ऋषिजनसन्नुत दिव्यकथामृत भव्यगुणोज्ज्वल चित्तहरे ।
कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ८ ॥
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